राहुल चौधरी की प्रथम पुण्यतिथि पर रक्तदान शिविर कल

राहुल चौधरी की प्रथम पुण्यतिथि पर दादिया स्थित होटल कृष्णम में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जायेगा।इंसान कद या पद के मद से बड़ा नहीं बनता। बड़ा वही होता है, जिसका सोच बड़ा। जिसका सोच बड़ा तो उसका काम भी बड़ा। काम बड़ा तो नाम भी बड़ा। इसीलिए कहा गया है कि जैसा हमारा सोच, वैसा हमारा काम। जैसा हमारा काम, वैसा हमारा नाम। काम के सहारे ही नाम का नाम होता है। पिछली साल राहुल का सड़क हादसे में निधन हो गया था।
रक्तदान का सीधा सा मतलब जरूरतमंद को जीवनदान। रक्त इस शरीर की सलामती व संचालन की आधारभूत आवश्यकता है। विज्ञान के इस युग में इंसान ने एक से बढ़कर एक आविष्कार किए हैं। परन्तु रक्त का निर्माण अभी तक संभव नहीं हो सका है। हक़ीक़त यह है कि किसी भी इंसान के अंदर रक्त की कमी को दूसरे इंसान के रक्त से ही पूरा किया जा सकता है। इंसान का इंसान के काम आना ही तो इंसानियत है।
रक्तदाता के लिए रक्तदान का मतलब कुछ मिनट का मामला है लेकिन रक्त की जरूरत वाले व्यक्ति के लिए यह जीवन-मरण का मामला है। 
सब को यह याद रखना चाहिए कि आज रक्तदान करने वाला कल के लिए रक्त प्राप्तकर्ता भी हो सकता है। कब किस को रक्त की जरूरत पड़ जाए, यह कोई नहीं जान सकता। रक्तदान एक महान सामाजिक दान है। महादान है। रक्तदान के महत्व का एहसास हमें जब होता है जब हमारा कोई स्वजन रक्त के लिए जिंदगी और मौत के बीच जूझता है। 
वक़्त पर सुलभ करवाया गया रक्त जरूरतमंद की जिंदगी की सौगात देता है।रक्तदान शिविर प्रातः 10बजे से शाम 4 बजे तक का रखा गया है।

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