सीकर सांसद सुमेधानंद सरस्वती का पाँच साल का कार्यकाल....क्या कह रही हैं जनता

सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती का 5 साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है।सांसद सुमेधानंद सरस्वती सीकर को कोई बड़ी सौगात नहीं दिला पाए, लेकिन खास बात यह भी है कि 5 साल के कार्यकाल के दौरान उनकी छवि पर कोई दाग नहीं लगा. सबसे बड़ी कमजोरी यह रही कि सीकर सांसद कोई राजनीतिक पृष्ठभूमि से नहीं थे और उन्हें पिछली बार मोदी लहर में पार्टी ने टिकट दिया गया।
सीकर विधानसभा क्षेत्र के लिए बड़ी सौगात
ब्रॉड गेज ट्रेन चलवाने और मेडिकल कॉलेज को सांसद की बड़ी उपलब्धि भले ही माना जा रहा हो, लेकिन यह दोनों योजनाएं पहले से ही चल रही थी। ब्रॉडगेज की पटरी बिछाई जा चुकी थी और मेडिकल कॉलेज की घोषणा भी हो चुकी थी. सीकर सांसद ने अभी तक किसी भी बड़े जन आंदोलन में भाग नहीं लिया।
सीकर की जनता के बीच कितने रहते हैं और मिलते हैं कि नहीं मिलते हैं
अक्सर सीकर शहर में ही सांसद का लोगों से मिलना होता है या जिला कलेक्ट्रेट के कार्यालय में लोग उनसे मिल सकते हैं. जहां तक बात आवास की है तो, सीकर सांसद का सीकर शहर में कोई आवास नहीं है. वे खुद ही पिपराली स्थित वैदिक आश्रम में रहते हैं और वहां पर उनसे मिलने जाने वालों की संख्या बहुत कम होती है. सीकर सांसद खुद एक सन्यासी जीवन जी रहे हैं इसलिए घर पर भी लंगर जैसी कोई व्यवस्था नहीं है।
अपने सांसद कोष से कितना रुपया क्षेत्र में लगाया
सुमेधानंद सरस्वती जब सीकर सांसद बने, उससे पहले पूर्व सांसद महादेव सिंह खंडेला के फंड के 11 लाख रुपए इनके खाते में थे. इसके बाद इन पांच सालों में सांसद कोटे में 25 करोड़ रुपये का बजट मिला. मौजूदा 5 सालों में सांसद ने अपने कोटे से सामान्य वर्ग के लिए 19 करोड़ 41 लाख रुपए, SC वर्ग के लिए 3करोड़, 36 लाख और ST वर्ग के लिए 1 करोड़, 66 लाख रुपए खर्च किए. इस प्रकार 25 करोड़ में से 24 करोड़, 43 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं।
पार्टी में कितनी पकड़ है
जिला और प्रदेश के स्तर पर संसद में कोई विशेष पहचान नहीं बन पाई है. लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर अपने आप को काफी मजबूत किया है. सांसद बनने के बाद से ही लगातार राष्ट्रीय नेतृत्व के संपर्क में है. केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और सी.आर चौधरी सहित कई बड़े नेताओं से अच्छे संपर्क हैं. साथ ही RSS के बड़े पदाधिकारियों के संपर्क में है।
सीकर की जनता के लिए संसद में कौन-कौन से मुद्दे उठाएं
सीकर के लिए ब्रॉड गेज और मेडिकल कॉलेज का मुद्दा संसद में कई दफा उठाया।साथ ही किसानों से जुड़े मुद्दे खासतौर से प्याज का मुद्दा भी सांसद सरस्वती ने उठाया।

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