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एक और मां की गोद सूनी देश को दिया बेटा सीकर का जवान शहीद बेटे ने दी मुखाग्नि

सीकर
जिले के खंडेलसर गांव के सैनिक गिरवर सिंह शेखावत का बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ पंचतत्व में विलीन हो गया। सैनिक गिरवर सिंह को 8 वर्षीय पुत्र नैतिक शेखावत ने मुखाग्नि दी।  सैनिक की मां गुमान कंवर पत्नी मनोहर कंवर का रो-रोकर बुरा हाल था। इस दौरान सैनिक की बहन और 12 वर्षीय बेटी ने सैनिक को सैल्यूट कर नम आंखों से सलामी दी। इसके बाद गिरवर सिंह अमर रहे भारत मां के जयकारों के साथ शव यात्रा श्मशान घाट के लिए रवाना हुई। सरकारी स्कूल के सामने स्थित श्मशान घाट में सैनिक के 8 वर्षीय पुत्र नैतिक शेखावत ने मुखाग्नि दी।

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हाइवे का आज तक का सबसे बड़ा नुकसान

परीक्षा देने जा रहे छात्र परीक्षा से वंचित

सीकर सहित प्रदेश में एक बार फिर मौसम पलट गया है इसका असर आज पलसाना ओर रींगस के बीच दिखाई दिया।बहुत ज्यादा कोहरा छाया रहने के कारण सुबह सुबह रोडवेज बस सहित अनेक गाड़ियां आपस में टकरा गई हालांकि किसी भी जनहानि की सूचना नहीं है।
 वहीं दूसरी तरफ शीतलहर का प्रकोप भी जारी है। नम हवाओं से बढ़ी ठंड से लोग ठिठुरते नजर आ रहे हैं। जगह जगह लोग गर्म कपड़ों में लदे होने के बावजूद भी आग जलाकर सर्दी से बचने का जुगाड़ करते नजर आ रहे हैं।







सीकर लोसल थाना क्षेत्र में युवक की गोली मारकर हत्या

सीकर जिले के लोसल थाना क्षेत्र के खुड़ गांव में सुरेश नामक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। जानकारी के मुताबिक खुड़ के पास सुरेश नामक बावरिया और उसके समाज के लोग एक खेत में खेती-बाड़ी और रखवाली का काम करते हैं। मिली जानकारी के अनुसार बावरिया लोग नीलगाय को भगाने के लिए बंदूक का इस्तेमाल करते हैं वह बंदूक अपने ही समुदाय के व्यक्ति के लिए मौत का कारण बन गई।
मिली जानकारी के अनुसार सुरेश नामक बावरी का खेत जहां पर सुरेश खेती बाड़ी करता था और साथी परिवारजन भी वही रहते थे इस दौरान नीलगाय को भगाने के लिए गोली चलाई गई जो सुरेश के सिर में जा लगी। सुरेश के परिवारजनों ने हत्या का मामला दर्ज कराया है।

खंडेला सहकारी समिति में करोड़ों रुपये का घपला

सीकर खण्डेला क्षेत्र मैं सहकारी समिति में करोड़ों रुपए का घोटाला सामने आया है।
वहीं दूसरी ओर जांच कर रहे सीकर सहकारी बैंक अभी तक कुछ भी स्पष्टीकरण नहीं आया है।
बैंक द्वारा लोन माफ लोगों के नाम से बोर्ड पर चिपकाए गए तो लोन लेने की आस में आए अचंभित रह गए ।
क्योंकि उन्होंने कभी लोन लिया ही नहीं था जबकि कागजों में उनके नाम करोड़ों रुपए का लोन दिखाया गया है। पूरे मामले की जांच सीकर सहकारी अधिशासी अधिकारी के पास होने के बावजूद अभी तक कुछ भी स्पष्टीकरण नहीं दिया गया इसके विरोध में लोगों ने उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।