सऊदी से जयपुर के लिए उड़ा दूसरा फ्लाइट ,'वंदे भारत मिशन' और रियाद टीम से हुआ यह सम्भव

सऊदी से जयपुर के लिए उड़ा दूसरा फ्लाइट ,'वंदे भारत मिशन' और रियाद टीम से हुआ यह सम्भव ।


रियाद (सऊदी) से  दूसरा फ्लाइट भारतीयों को राजस्थान लाने के लिए उड़ चुका है । यह फ्लाइट राजधानी जयपुर में उतरेगा ।इससे पहले रियाद टीम और सऊदी स्थित भारतीय दूतावास के अथक प्रयासों से  20 जून को चारजेंट फ्लाइट ने जयपुर के लिए सफल उड़ान भरी थी जिसमें यात्रियों को एक टिकट के लिए  1600 रियाल भुगतान करना पड़ा था लेकिन इस बार यह फ्लाइट भारत सरकार के द्वारा जारी 'वंदे भारत मिशन' के तहत उड़ा है जिसमें 940 रियाल ही टिकट के लिए भुगतान करने पड़े ।स्पाइस जेट एयरलाइन्स का यह दूसरा फ्लाइट 181 राजस्थानियों को लेकर उड़ान भरा है ।इस संदर्भ में रियाद टीम ने सबसे पहले भारत सरकार  का आभार व्यक्त किया।रियाज टीम के द्वारा सऊदी स्थिति भारतीय दूतावास में खबर करके लोगों की लिस्ट भेजी और उसके बाद  दूतावास के द्वारा  भारत सरकार को सूचना की गई।इस फ्लाइट में आने वाले कई यात्री ऐसे जरूरतमंद भी है ,जो बीमार है , एक कैंसर का रोगी है ,दो व्यक्ति लकवा से ग्रसित है ,तो वहीं कुछ गर्भवती महिलाएं भी है  ,इसलिए रियाज की टीम  ने ऐसे लोगों की फ्लाइट की टिकट जल्दी बुक करवाई ताके इनको कठिनाइयों का सामना न करना पड़े । रियाद टीम में निसार भारू , गुलाम खान सोती ,शाहिद खान किरडोली,शकील खान डीडवाना,आजाद खान नेछुआ,अरशद अहमद खिरोड़,  असलम खान मावा,शेरे सुल्तान खान जाजोद,शब्बीर खान चूरू,सलीम खान गारिंण्डा, आसिफ खान सुजानगढ़ आदि मौजूद है ।

रणबाकुरों ने भरी हुंकार - पुलिस महानिरीक्षक व जिला कलक्टर कार्यलय पर किया प्रदर्शन

#रणबाकुरों ने भरी #हुंकार - पुलिस #महानिरीक्षक व #जिलाकलक्टर कार्यलय पर किया #प्रदर्शन !!

- प्रशासन ने दोनों विषयों को गम्भीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच पर सहमति जताई !!

बीकानेर - 3 जुलाई बीकानेर पूर्व सिंचाई मंत्री देवीसिंह जी भाटी द्वारा आज पुलिस महानिरीक्षक व जिला कलेक्टर कार्यलय के आगे प्रदर्शन कर सौंपा - बीकानेर सभांग की सबसे बड़ी PBM हॉस्पिटल टॉयलेट में हुई मौत व बज्जू के बहुचर्चित प्रकरण को लेकर आज रणबांकुरा टीम ने हुंकार भरी !!

बज्जू थाना के मामले में जिला मुख्यालय पर प्रमुख प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करवाने हेतु सहमति प्रदान कर आईजी के स्वयं द्वारा निगरानी का आश्वासन दिया !!

पीबीएम अव्यवस्थाओ को लेकर डॉक्टरों की बजाय प्रशासनिक अधिकारी से करवाने की मांग पर जिला कलेक्टर ने सहमति जताई !!

प्रदर्शन के दौरान रणबाकुरों द्वारा सोशल डिस्टेंस की पालना की व रणबांकुरा लिखे मास्क का प्रयोग किया गया !!

इस दौरान भारी संख्या में रणबांकुरो ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई !!

- देवीसिंह भाटी टीम रणबांकुरा राजस्थान !!

राजस्थान के चर्चित आनंदपाल एनकाउंटर के बाद हुई हिंसा के मामले में सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट पेश

राजस्थान के चर्चित आनंदपाल एनकाउंटर के बाद हुई हिंसा के मामले में सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट पेश कर दी है. मामले में राजपूत समाज के कई दिग्गज नेताओं सहित 24 लोगों को आरोपी बनाया गया है. आनंदपाल सिंह की पुत्री और वकील के अलावा राजपूत समाज के 22 नेताओं को दंगे भड़काने, तत्कालीन नागौर एसपी व महिला IPS पर जानलेवा हमला करने, पुलिस वाहनों को जलाने का दोषी माना है.

CBI, नई दिल्ली की स्पेशल क्राइम ब्रांच-2 के उप महानिरीक्षक जगरूपगुरु सिन्हा के निर्देशन में उपाधीक्षक मुकेश शर्मा ने 24 आरोपियों के खिलाफ जोधपुर की CBI मामलात अदालत में यह चार्ज शीट पेश की है.

जानकर सूत्रों के मुताबिक 2 साल 6 माह चली CBI जांच में लोकेन्द्र सिंह कालवी, सुखदेवसिंह गोगामेढ़ी, गिरीराज सिंह लोटवाड़ा, हनुमानसिंह खांगटा, महिपाल सिंह मकराना, रंजीतसिंह मंगला उर्फ रंजीतसिंह सोढाला, रंजीतसिंह गेंदिया, रणवीर सिंह गुड़ा, योगेन्द्र सिंह कतर, दुर्गसिंह, आेकेन्द्र राणा उर्फ हितेन्द्रसिंह राणा, चरणजीत सिंह कंवर उर्फ चीनू, एपी सिंह, सीमा रघुवंशी उर्फ सीमा राघव, महावीर सिंह, प्रताप सिंह राणावत, प्रेम सिंह बनवासा, भंवर सिंह रेता, दिलीप सिंह, जब्बर सिंह, मोहन सिंह हट्टौज, युनूस अली, राजेन्द्र सिंह गुड़ा, घनश्यामसिंह त्योड के खिलाफ जोधपुर स्थित ACJM-CBI मामलात की विशेष अदालत में चालान पेश किया है.

आपको बता दें कि राजस्थान सरकार ने कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह की जुलाई 2017 में कथित मुठभेड़ में मारे जाने की जांच सीबीआई से कराने को मंजूरी दी थी. इससे पहले बडे स्तर पर इस एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए राजपूत समाज और आनंदपाल समर्थकों ने बडा आंदोलन किया था जिसके बाद एनकाउंटर के साथ ही इस हिंसा की जांच भाजपा की वसुंधरा राजे सरकार ने सीबीआई को सौंपी थी. राजस्थान सरकार ने 24 जुलाई 2017 को एक पत्र लिखकर सीबीआई जांच का आग्रह किया था. हालांकि, सीबीआई ने 15 नवंबर 2017 को सबूतों की कमी का हवाला देते हुए पहले तो खारिज कर दिया था. बाद में राज्य सरकार ने फिर से 17 दिसंबर को केंद्र सरकार को पत्र लिखकर सीबीआई जांच की मांग नहीं माने जाने पर राजपूतों में असंतोष बढ़ने की बात कही थी. पत्र में चेताया था कि सीबीआई जांच का आदेश नहीं देने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बदतर हो सकती है. आनंदपाल सिंह चुरु जिले के मालसर गांव में 24 जून 2017 को पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था.

उसके परिवार के सदस्यों ने मुठभेड़ की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठाए थे और दावा किया गया था कि वह समर्पण करना चाहता था फिर भी उसे मार दिया गया. उधर पुलिस अधिकारियों ने अपने बचाव में कहा कि उसे कई बार समर्पण करने को कहा गया, लेकिन उसने पुलिसकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी. राजस्थान के प्रभावी राजपूत समुदाय ने उसके मारे जाने पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन व सड़क को जाम कर दिया था. आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर पर सवाल उठाने वाले लोग उसे रॉबिनहुड मानते हैं. जबकि पुलिस रिक़ॉर्ड में वो इतना कुख्यात गैंगस्टर था कि अदालत को भी एक नहीं 6 बार उसे भगोड़ा घोषित करना पड़ा. एनकाउंटर से करीब डेढ़ साल पहले वो कैद से फरार हो गया था. और काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे एनकाउंटर में मार गिराया. उधर इस चार्जशीट के बाद एकबार फिर राजपूत समाज मे आक्रोश देखने को मिल रहा है, बड़े आंदोलन की फिर तैयारी की सुगबुगाहट तेज़ हो गई है
कौन था आनंदपाल?
13 मई 1975 को राजस्थान के नागौर जिले के गांव सांवराद में आनंदपाल सिंह का जन्म हुआ। फर्राटेदार अंग्रेजी बोलने, टॉपी-जैकेट पहनने का शौक रखने वाला सबसे कुख्यात गैंगस्टर था। वह सितम्बर 2015 देशभर की सुखियों में तब आया जब हत्या, लूट व डकैती समेत कई मामलों में अजमेर जेल में आनंदपाल को लाड़नूं पेशी पर ले जाया गया था. वापसी में वह राजस्थान पुलिस पर हमला करके अपने तीन साथियों के साथ फरार हो गया था.

डेढ़ साल तक राजस्थान की पुलिस आनंदपाल को जिंदा नहीं पकड़ सकी थी. फिर पुलिस को सूचना लगी कि वह चूरू जिले के गांव मालासर में श्रवण सिंह के घर छिपा है. 24 जून 2017 की अमावस्या की रात को पुलिस की स्पेशल टीम ने वहां आनंदपाल को ​एनकाउंटर में मार गिराया.

नानी गांव को किया सैनेटराइज..घर घर किया सैनिटाइजेशन


कोरोना महामारी के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए आज नानी गाँव में हर घर को सैनेटराइज किया गया।
पालवास रोड स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल के निदेशक संतोष शर्मा ने बताया कि विश्व में फेल रही महामारी कोरोना जो एक नॉवेल फैमिली का वायरस है जिससे बचने के लिए अपने गांव नानी में घर घर जाकर घर पर रहकर देश सेवा करने का आग्रह किया तथा पूरे गांव को सेनेटाइज किया, मास्क वितरित किए साथ ही हैंड सेनेटाइजर भी उपलब्ध करवाया। तथा एक वीडियो के माध्यम से कोरोना के पोजीटिव प्रभाव भी बताए जो "कोरोना को हराना है और देश को बचाने" का संदेश देता है।
"कोरोना के खतरे को एक पल भी भुलाए लोकडाउन के संकल्प को धर्ये से निभाए" । इसी सलोगन के साथ देश को जितना है। अंत में शर्मा ने अपनी टीम को धन्यवाद दिया जिन्होंने शर्मा के साथ रहकर सेनेटाइज करवाने अपना पूरा योगदान दिया और कहा कि संघटन में ही शक्ति होती है।
घर में रहे सवस्थ रहे क्योंकि जान है तो जहान है। क्योंकि किसी ने सच ही कहा है "कि जो गलती करके सीखता है वो इंटेलिजेंट होता है और जो दूसरों की गलती से सीखता है वो जीनियस होता है" इसलिए हमे अन्य देशों की गलती से सीखना है और उन देशों ने गलती करी है वो गलती हम नहीं दोहराए।

कॅरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए शुक्रवार को ग्राम पंचायत नानी  में घर घर जाकर निशुल्क मास्क वितरण  किये गए l व गांव के लोगो से समझाइश की गई की  घर से बाहर नहीं जाने का भी आग्रह किया गया l व पूरी पंचायत में यदि कोई भी गरीब परिवार जो इस लॉकडावन मैं अपने परिवार के लिए खाद्य सामग्री नही जुटा पाता है तो उन सभी परिवारों को मात्र एक फोन कॉल पर उनके घर पर खाद्य सामग्री मुहैया  सरपंच  प्रतिनिधि किशन सिंह फगेड़िया के द्वारा उपलब्ध करवाई जाएगी पूरे ग्राम में सैनिटाइजेशन का छिड़काव भी करवाया गया।
इस दौरान मौके पर प्रहलाद शर्मा ठाकुर शर्मा लक्ष्मीकांत शर्मा बनवारी लाल, हरि सिंह, गणपत करोनामल सहित काफ़ी लोगों ने जागरूकता अभियान में सहयोग किया।




दादिया गाँव में राशन वितरण की सुंदर तस्वीर

दादिया गाँव में राशन वितरण की सुंदर तस्वीर
दादिया गाँव में आज एक अलग ही तस्वीर देखने को मिली।राशन डीलर सहित गाँव के चुनिंदा लोगो ने आज दुकानों के आगे थोड़ी-थोड़ी दूरी पर गोल राउंड कर दिए और सब को निर्देश दिए कि जो भी व्यक्ति राशन ले रहा है वह इन गोल राउंड के अंदर खड़ा रहे इनके बाहर खड़े रहने वाले व्यक्तियों को सामान नहीं मिलेगा।
राशन डीलर हरिप्रसाद ने बताया कि कोरोना वाइरस जैसी महामारी के कारण आज ग्राम पंचायत दादिया में उचित मुल्य कि दुकान के बाहर उचित दुरी पर सर्कल बनाया तथा उपभोक्ताओं को सर्कल के अंदर खड़े होकर राशन लेने के लिये अवगत कराया।
इस दौरान मौके पर राकेश मातवा ने भारत सरकार ओर राजस्थान सरकार की गाइडलाइन की पालना करवाई।



ब्रिटेन के शाही परिवार पर भी कोरोना का अटैक, प्रिंस चार्ल्स पॉजिटिव पाए गए

ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स महामारी कोरोना वायरस की चपेट में आ गए हैं।वो कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं।उनका टेस्ट पॉजिटिव पाया गया है।चार्ल्स हाउस की तरफ से जारी बयान में इस बात की पुष्टि की गई है. साथ ही कहा गया है कि 71 वर्षीय चार्ल्स का का कोविड-19 (COVID-19) का उपचार चल रहा है।BBC की रिपोर्ट के अनुसार, शाही पैलेस के प्रवक्ता ने कहा कि चार्ल्स में कोरोना के शुरुआती लक्षण पाए गए हैं, हालांकि उनका स्वास्थ्य ठीक है।

अमेरिका में कोरोना वायरस का टीका तैयार

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इस वक्त पूरी दुनिया कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से सहमी हुई है. लेकिन आज नवरात्रि के पहले दिन एक अच्छी खबर आ रही है. अमेरिका में कोरोना वायरस का टीका तैयार हो चुका है. वैज्ञानिकों ने इस टीके से कोरोना वायरस को खत्म करने में सफलता हासिल की है. चार देशों में इसके क्लिनिकल ट्रायल के शानदार नतीजे आए हैं. अमेरिकी सरकार जल्द इसके टीके तैयार करने की मंजूरी दे सकती है.

चीन, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और अमेरिका में सफल परीक्षण
सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेशन (CDC) के अनुसार अमेरिकी सांइटिस्टों ने क्लोरोक्वीन और हाड्रोक्सिक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) के जोड़ से एक टीका तैयार किया है. अमेरिका की फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने इस टीके के क्लीनिकल ट्रायल (Clinical trial) को मंजूरी दे दी है. पिछले एक महीने से इस टीके के ट्रायल चीन, दक्षिण कोरिया, फ्रांस और अमेरिका में सफल रहा है. जिन मरीजों का इलाज इस टीके से किया गया है उनमें काफी प्रभावी नतीजे मिले हैं.

अमेरिकी सरकार जल्द शुरू कर सकती है इलाज
अमेरिकी वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना वायरस को खत्म करने में इस नए टीके ने सफलता हासिल की है. हालांकि FDA किसी भी टीके को मंजूरी देने में काफी लंबा समय लगाता है. लेकिन वैश्विक चुनौती और हालात देखते हुए अगले कुछ दिनों में इसे इलाज के लिए हरी झंड़ी मिलने की उम्मीद है. वैज्ञानिको का कहना है कि सार्स को खत्म करने में इस दवा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. इस बार इस टीके में कोरोना वायरस के जेनेटिकल कोड के हिसाब से बदलाव किए गए हैं. कोरोना वायरस से लड़ने में इस टीके के नतीजे काफी आशाजनक हैं. बताते चलें कि कोरोना वायरस, सार्स का ही बिगड़ा रूप है.

भारत बिना देरी इस्तेमाल कर सकता है टीका
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि अगर किसी टीके को अमेरिका के FDA  से मंजूरी मिल जाती है तो हम बिना देरी किए तुरंत भारत में भी इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. अमूमन भारत में किसी नई दवा को इलाज में लाने से पहले लंबे प्रोसेस से गुजरना होता है. सामान्य प्रोसेस में मंजूरी मिलने में 2-3 महीने भी लग जाते हैं. लेकिन कोरोना वायरस के टीके को बिना देरी मंजूरी मिलेगी. बताते चलें कि मंगलवार को प्रधानमंत्री (Prime Minister) नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने देश में अगले 21 दिनों के लिए लॉकडाउन का फैसला किया है।

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